Rajasthan Election 2023 News: बीकानेर और सीकर में, सुनील जाखड़ (Sunil Jakhar) कांग्रेस के दो बड़े जाट नेताओं पर दबाव बनाने के लिए राजस्थान चुनाव लड़ सकते हैं। उनके पिता सीकर और बीकानेर से सांसद रह चुके हैं।
Rajasthan Elections 2023: इस बार राजस्थान (Rajasthan) में विधानसभा चुनाव से पहले सभी जातियों की मदद करने का काम तेज हो गया है। भाजपा ने राजस्थान में दलितों की मदद के लिए अर्जुन राम मेघवाल को बढ़ावा दिया और फिर बीकानेर, सीकर, नागौर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और झुंझुनू में जाटों की मदद के लिए सुनील जाखड़ को पंजाब का प्रदेश अध्यक्ष बनाया। सुनील जाखड़ की जड़ें राजस्थान के इन क्षेत्रों में हैं। इससे दो दिन पहले ही नागौर के पूर्व सांसद सी. आर. चौधरी को संगठन में जगह दी गई है। सूत्रों का कहना है कि सतीश पूनिया के अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद भाजपा किसानों और जाटों की मदद करने में लगी हुई है। क्योंकि अतीत में कई जाट विधायक और कांग्रेस के नेता ऐसा कह चुके हैं। भाजपा भी इस बात को समझ रही है। लेकिन इन सभी कार्यों को मुआवजे के रूप में नहीं लिया जा रहा है। सुनील जाखड़ का जन्म भले ही पंजाब में हुआ हो, लेकिन उनके पिता बलराम जाखड़ दो बार सीकर से और एक बार बीकानेर से सांसद रहे हैं। राजस्थान कांग्रेस और जाटों में उनकी मजबूत पकड़ थी। ऐसे में यहां की राजनीति में सुनील जाखड़ को इसी नजरिये से देखा जा रहा है।
शेखावाटी पर सुनील की नजर
2018 के विधानसभा चुनावों में शेखावाटी (Shekhawati) में भाजपा को बड़ी हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में भाजपा उन सभी सीटों पर नए नेताओं को मैदान में उतारने की लगातार तैयारी कर रही है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सीकर जिले से आते हैं। बलराम जाखड़ इसी जिले से दो बार कांग्रेस के सांसद रह चुके हैं। उनके बेटे सुनील भले ही भाजपा के नए अध्यक्ष बने हों, लेकिन कांग्रेस में उनकी जड़ें 45 साल पुरानी हैं। ऐसे में सुनील की नजर सीकर पर टिकी हुई है।
कमान केवल पंजाब के हाथों में
राजस्थान में कांग्रेस के प्रभारी हरजिंदर सिंह रंधावा हैं। जो पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। राजस्थान में पूरी पंजाब सरकार आपके लिए मैदान में है। ऐसे में अब भाजपा ने मजबूत पकड़ बनाने के लिए सुनील जाखड़ को प्रदेश अध्यक्ष भी बनाया है। भाजपा ने कांग्रेस के दिग्गज नेता सुनील को यह पद देकर राजस्थान में एक बड़ा कदम उठाया है।
जाट सीटों को सीमा पर आयोजित किया जाना है
राजस्थान में जाट मतदाताओं की निर्णायक भूमिका है। इन दिनों दो बड़े जाट नेता खुले तौर पर कांग्रेस में हैं। सीकर से गोविंद सिंह डोटासरा और बीकानेर से रामेश्वर डूडी की चर्चा है। बलराम जाखड़ बीकानेर और सीकर दोनों से तीन बार सांसद चुने गए थे। बीकानेर और हनुमानगढ़ में सुनील जाखड़ को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। ऐसे में भाजपा ने सुनील के बहाने कांग्रेस और आप दोनों पर निशाना साधा है।