West Bengal Panchayat Election 2023: चुनाव से पहले राज्य में हुई हिंसा में 18 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस शुक्रवार को हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के लिए मुर्शिदाबाद पहुंचे।
West Bengal Panchayat Election 2023
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस राज्य में पंचायत चुनावों से एक दिन पहले हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के लिए शुक्रवार को मुर्शिदाबाद पहुंचे। एक जिला अधिकारी ने बताया कि राज्यपाल दिन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्यपाल शुक्रवार (07 जुलाई) की सुबह ट्रेन से जिला मुख्यालय बरहामपुर पहुंचे और शाम को कोलकाता के लिए रवाना होने से पहले उनके कुछ स्थानों पर जाने की संभावना है।
राज्यपाल बोस डोमकल, खरग्राम, नवग्राम और बेलडांगा का दौरा करेंगे। इन स्थानों पर ग्रामीण चुनावों से पहले राजनीतिक दलों के बीच झड़पों की खबरें थीं। पश्चिम बंगाल में मतदान से पहले विभिन्न घटनाओं में लगभग 18 लोगों की मौत हो चुकी है।
‘राज्य चुनाव आयुक्त ने ठीक से काम नहीं किया’
West Bengal Panchayat Election: एक अन्य अधिकारी ने बताया कि हिंसा की ताजा घटना मुर्शिदाबाद के रानी नगर इलाके में हुई। राज्यपाल ने इससे पहले दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर, कैनिंग और बसंती और कूचबिहार जिले का दौरा किया था, जहां राजनीतिक दलों के बीच झड़पें हुई थीं।
बोस ने गुरुवार को आरोप लगाया था कि राज्य चुनाव आयुक्त (एसईसी) राजीव सिन्हा पंचायत चुनावों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल रहे। एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने सिन्हा से चुनाव के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा था।
राज्यपाल ने सिन्हा को मतदान के दिन लोगों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने का आदेश दिया है। पश्चिम बंगाल में 8 जुलाई को पंचायत चुनाव होने हैं। अधिकारियों के अनुसार, राज्य में चुनाव संबंधी हिंसा में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है।
822 कंपनियां तैनात
हिंसा की इन घटनाओं के बाद राज्य में मतदान के दिन सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा के लिए सीएपीएफ, एसएपी और आईआरबी की कुल 822 कंपनियों को तैनात किया जाएगा। चुनाव के लिए 61,636 मतदान केंद्र तैयार किए गए हैं, जिनमें से केवल 61,108 बूथों पर सुरक्षा बलों की तैनाती होगी।
पश्चिम बंगाल के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लगभग 5.67 करोड़ लोग त्रिस्तरीय पंचायत प्रणाली में मतदान करने के पात्र हैं, जिसमें जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत शामिल हैं।